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ધોરણ-6 [હિન્દી] 6. न्याय | std-6 [hindi] 6. nyay

GSEB Std 6 Hindi (Sem 2) Chapter 6 Nyay Swadhyay Solution & Abhyas: અહીં ધોરણ 6 હિન્દી (દ્વિતીય સત્ર) ના પ્રકરણ 6 "न्याय" વાર્તાનો વિસ્તૃત સારાંશ, અભ્યાસ, સ્વાધ્યાય, પાત્રોના સંવાદો, વાર્તા ક્રમ, સિંહ અને ઉંદરની વાર્તા, તેનાલીરામની બોધકથા, ક્રિયાવાચક શબ્દો તેમજ યોગ્યતા-વિસ્તારના તમામ પ્રશ્નો-જવાબોનું સંપૂર્ણ સોલ્યુશન પાઠ્યપુસ્તક આધારિત સુંદર રીતે પ્રસ્તુત કરવામાં આવ્યું છે.

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✦ વાર્તાનો સારાંશ (कहानी का सारांश) ✦

'न्याय' बुद्धिमत्ता, सूझ-बूझ और सत्य की विजय को दर्शाने वाली एक अत्यंत रोचक और शिक्षाप्रद कहानी है। बगदाद के एक व्यापारी अली ख्वाजा ने मक्का शरीफ की यात्रा पर जाते समय अपनी पाँच सौ सोने की मोहरें एक घड़े में नीचे रखकर ऊपर तेल भर दिया और घड़ा अपने पड़ोसी मित्र वाज़िद के तहखाने में अमानत के रूप में रख दिया। एक रात घर में तेल खत्म होने पर वाज़िद ने उस घड़े से तेल निकाला, तो उसे सोने की मोहरों का पता चला। वाज़िद का ईमान डोल गया; उसने सारी मोहरें चुरा लीं और अगले दिन घड़े में नया तेल भरकर पहले जैसा सीलबंद कर दिया।

यात्रा से लौटने पर जब अली ख्वाजा को अपनी मोहरें नहीं मिलीं, तो उसने वाज़िद से शिकायत की, परंतु वाज़िद ने साफ मना कर दिया। अली ख्वाजा काज़ी की अदालत में गया, परंतु सबूत न होने से निराश होकर उसने खलीफ़ा के पास गुहार लगाई। खलीफ़ा ने नगर भ्रमण के दौरान 'हसन' नाम के एक बालक को न्यायालय का खेल खेलते हुए बड़ी समझदारी से न्याय करते देखा। खलीफ़ा ने हसन को अपने दरबार में बुलाया। हसन ने सूझ-बूझ से दो अनुभवी तेलियों को बुलवाकर घड़े के तेल की जाँच करवाई। तेलियों ने सूंघकर और चखकर बताया कि तेल केवल दो महीने पुराना है, जबकि अली ख्वाजा छः महीने पहले मक्का गया था। इस अकाट्य प्रमाण से वाज़िद की चोरी और विश्वासघात सिद्ध हो गया। खलीफ़ा ने वाज़िद को कड़ी सज़ा दी, अली ख्वाजा की मोहरें वापस दिलवाईं और बुद्धिमान बालक हसन को पुरस्कृत किया।

✦ અભ્યાસ સોલ્યુશન (Std 6 Hindi Sem 2 Chapter 6 Abhyas Solution) ✦

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(1) अली ख्वाज़ा ने मोहरें तेल में क्यों छुपाई होंगी?
उत्तर : अली ख्वाजा ने मोहरें तेल के नीचे इसलिए छिपाई होंगी ताकि किसी को यह संदेह न हो कि तेल के घड़े में धन छिपा है और उसकी अनुपस्थिति में उसकी गाढ़ी कमाई सुरक्षित रहे।

(2) मित्र के साथ हमें कैसा व्यवहार करना चाहिए?
उत्तर : मित्र के साथ हमें सच्चा, ईमानदार, निष्कपट और विश्वासपात्र व्यवहार करना चाहिए। मित्र की अमानत की रक्षा अपने प्राणों की तरह करनी चाहिए और कभी भी स्वार्थवश उसके साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए।

(3) वाज़िद और हसन की जगह आप होते तो क्या करते?
उत्तर : यदि हम वाज़िद की जगह होते, तो मित्र की अमानत को हाथ भी न लगाते और रात को बिना तेल के काम चला लेते अथवा बाज़ार खुलने की प्रतीक्षा करते। यदि हम हसन की जगह होते, तो हम भी अपनी निष्पक्ष बुद्धि और वैज्ञानिक सोच का उपयोग करके सच को सामने लाते और न्याय दिलवाते।

प्रश्न 2. नीचे लिखे संदर्भ में कहानी के पात्रों के संवाद :

(1) जब अली ख्वाज़ा तेल का घड़ा रखने आया :

अली ख्वाजा : "मित्र वाज़िद, मैं मक्का की पवित्र यात्रा पर जा रहा हूँ। यह तेल का घड़ा मैं आपके यहाँ सुरक्षित रखकर जाना चाहता हूँ। लौटने पर ले लूँगा।"
वाज़िद : "अरे भाई! इसमें संकोच की क्या बात है? यह लीजिए मेरे तहखाने की चाबी। आप स्वयं जाकर घड़ा वहाँ रख आइए और जब लौटें तो वहीं से ले लीजिएगा।"

(2) अली ख्वाज़ा और वाज़िद का झगड़ा :

अली ख्वाजा : "वाज़िद भाई, घड़े में से मेरी पाँच सौ सोने की मोहरें गायब हैं! क्या आपने उन्हें निकाला है?"
वाज़िद : "कैसी मोहरें? सीलबंद घड़ा आपको वहीं से मिला जहाँ आप रखकर गए थे। मैंने तो उसे छुआ तक नहीं। मुझ पर झूठा इल्ज़ाम मत लगाइए!"
अली ख्वाजा : "झूठ मत बोलो, घड़े के नीचे मेरी अमानत रखी थी! अब मुझे काज़ी की अदालत में जाना ही पड़ेगा।"

प्रश्न 3. हसन ने क्या सूझ-बूझ दिखाई थी?

उत्तर : हसन ने मामले को सीधे हल करने के बजाय बुद्धि और विवेक का सहारा लिया। उसने तेल की गुणवत्ता परखने वाले दो अनुभवी तेलियों को बुलवाया और घड़े के तेल की जाँच करवाई। तेलियों ने तेल सूंघकर और चखकर सिद्ध कर दिया कि तेल केवल दो महीने पुराना है, जबकि अली ख्वाजा छः महीने पहले मक्का गया था। इस अकाट्य वैज्ञानिक प्रमाण से यह साबित हो गया कि वाज़िद ने पुराना तेल निकालकर नया तेल भरा था और मोहरें चुराई थीं।

✦ સ્વાધ્યાય સોલ્યુશન (Std 6 Hindi Sem 2 Chapter 6 Swadhyay Solution) ✦

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

(1) वाज़िद को कैसे पता चला कि बर्तन में मोहरें हैं?
उत्तर : जब वाज़िद रात को दावत के लिए घड़े की सील खोलकर तेल निकालने लगा, तब घड़े के भीतर से सिक्कों की खनकने की आवाज़ आई। जब उसने सारा तेल दूसरे बर्तन में उलटा, तब उसे मोहरों का पता चला।

(2) अली ख्वाजा और वाज़िद के बीच झगड़ा क्यों हुआ?
उत्तर : क्योंकि मक्का से लौटने पर अली ख्वाजा को अपने तेल के घड़े में सोने की मोहरें नहीं मिलीं। जब उसने वाज़िद से अपनी मोहरें माँगीं, तो वाज़िद ने मोहरों के बारे में अनभिज्ञता जताई और मुकर गया।

(3) खलीफ़ा ने हसन को अपने दरबार में क्यों बुलाया?
उत्तर : खलीफ़ा ने नगर में वेश बदलकर घूमते समय हसन को बच्चों के साथ न्यायालय का खेल खेलते देखा। हसन की निष्पक्ष न्याय करने की अद्भुत समझ और बुद्धिमत्ता देखकर खलीफ़ा प्रभावित हुए और उन्होंने उसे दरबार में बुलाया।

(4) तेलियों की बात सुनकर वाज़िद क्यों घबराया?
उत्तर : क्योंकि तेलियों ने साफ कह दिया कि घड़े का तेल केवल दो महीने पुराना है, जिससे यह सिद्ध हो गया कि वाज़िद ने ही पुराना तेल बदलकर नया तेल भरा था और उसकी चोरी पकड़ी गई थी।

(5) तेलियों ने कैसे सच्चा निर्णय किया?
उत्तर : तेलियों ने अपने अनुभव के आधार पर घड़े के तेल को ध्यान से देखा, उसकी गंध सूंघी और उसे चखा। तेल के स्वाद और ताजगी से उन्होंने निर्णय किया कि यह तेल दो महीने से अधिक पुराना नहीं है।

(6) वास्तविकता जानने पर खलीफ़ा ने क्या निर्णय किया?
उत्तर : खलीफ़ा ने वाज़िद को अली ख्वाजा की चुराई गई पाँच सौ मोहरें वापस लौटाने का आदेश दिया तथा चोरी और विश्वासघात के अपराध के लिए दंडित किया। साथ ही बुद्धिमान हसन को भारी पुरस्कार दिया।

प्रश्न 2. निम्नलिखित वाक्य कौन किसे कहता है, लिखिए :

(1) "यह तेल का घड़ा मैं आपके घर रखकर जाना चाहता हूँ।" → अली ख्वाजा ने वाज़िद से कहा।

(2) "आप अपना घड़ा तहखाने में रख आइए।" → वाज़िद ने अली ख्वाजा से कहा।

(3) "आप काज़ी की अदालत में जाइए।" → आसपास के लोगों ने अली ख्वाजा से कहा।

(4) "आप इस घड़े की जाँच कीजिए।" → हसन ने तेलियों से कहा।

(5) "हुजूर, मैं तो छः महीने पहले मक्का की यात्रा करने गया था।" → अली ख्वाजा ने खलीफ़ा (और हसन) से कहा।

प्रश्न 3. (ग) कहानी की प्रमुख घटनाओं का सही क्रम :

1. ईराक के व्यापारी अली ख्वाजा के पास एक हज़ार सोने की मोहरें इकट्ठी होना।

2. अली ख्वाजा द्वारा तेल के घड़े में मोहरें रखकर वाज़िद के तहखाने में रखना।

3. वाज़िद के घर दावत के समय तेल समाप्त होना और घड़े से मोहरें चुरा लेना।

4. मक्का से लौटने पर अली ख्वाजा को मोहरें न मिलना और दोनों में झगड़ा होना।

5. काज़ी की अदालत से निराश होकर खलीफ़ा के यहाँ न्याय की गुहार लगाना।

6. खलीफ़ा द्वारा बालक हसन की सूझ-बूझ देखकर उसे दरबार में बुलाना।

7. तेलियों द्वारा तेल की जाँच करना, वाज़िद का अपराध सिद्ध होना और खलीफ़ा द्वारा न्याय मिलना।

प्रश्न 4. शेर और चूहे की चित्र-कहानी :

शीर्षक : शेर और चूहा (उपकार का बदला)

एक दिन जंगल में एक शेर आराम से सो रहा था। पास ही एक बिल में एक छोटा चूहा रहता था। चूहा बाहर आया और शेर को सोया देखकर उसके शरीर पर उछल-कूद करने लगा। शेर की नींद खुल गई और उसने गुस्से से चूहे को अपने पंजे में पकड़ लिया। चूहे ने गिड़गिड़ाकर कहा—"महाराज, मुझे छोड़ दीजिए, मैं कभी आपके काम आऊँगा।" शेर हँसा और उसने चूहे को छोड़ दिया।

कुछ दिनों बाद एक शिकारी जंगल में आया और उसने शेर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शेर उस जाल में फँस गया और ज़ोर-ज़ोर से दहाड़ने लगा। शेर की दहाड़ सुनकर चूहा अपने साथियों के साथ तुरंत वहाँ पहुँचा। चूहे ने अपने तेज़ दाँतों से जाल को काटकर शेर को आज़ाद कर दिया। उस दिन से शेर और चूहा पक्के मित्र बन गए।
सीख : छोटा प्राणी भी समय आने पर बहुत बड़ा उपकार कर सकता है।

✦ ક્રિયાવાચક શબ્દો (Std 6 Hindi Sem 2 Chapter 6) ✦

प्रश्न 5. क्रियावाचक शब्द ढूँढ़कर वाक्य फिर से लिखिए :

उदाहरण : राधा ने संजीव को पत्र लिखा। → राधा ने किसको पत्र लिखा?

(1) अध्यापक ने बच्चों को कहानी सुनाई। → अध्यापक ने बच्चों को क्या सुनाया? (क्रिया : सुनाई)

(2) रात को कुत्ते भौंक रहे थे। → रात को कुत्ते क्या कर रहे थे? (क्रिया : भौंक रहे थे)

(3) वह पटाखे देख रहा है। → वह क्या देख रहा है? (क्रिया : देख रहा है)

(4) वेदांत किताब पढ़ रहा था। → वेदांत क्या पढ़ रहा था? (क्रिया : पढ़ रहा था)

(5) पता नहीं तन्मय मेरे पास से कब चला गया। → पता नहीं तन्मय मेरे पास से कब गया? (क्रिया : चला गया)

(6) आकाश में पतंग उड़ रही थी। → आकाश में क्या उड़ रही थी? (क्रिया : उड़ रही थी)

✦ પૂરક વાર્તા : તેનાલીરામની ચતુરાઈ (तेनालीराम की सूझ-बूझ) ✦

शीर्षक : राजा का न्याय और तेनालीराम की सीख

राजा कृष्णदेवराय के प्रिय काँच के मोर को साफ करते समय एक सेवक के हाथ से वह टूट गया, जिस पर क्रोधित होकर राजा ने सेवक को छः महीने के लिए कारागार में डाल दिया। कुछ दिनों बाद चतुर मंत्री तेनालीराम राजा को बाल-उद्यान में ले गए, जहाँ बच्चे राजा और न्याय का नाटक खेल रहे थे। नाटक में राजा बने बच्चे ने पहली बार सब्ज़ी चुराने वाले अपराधी को माफ़ कर दिया और कहा कि पहली भूल पर सज़ा नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि नुकसान की भरपाई राजकोष से होनी चाहिए। यह देखकर राजा कृष्णदेवराय को अपनी भूल का अहसास हुआ कि न्याय करते समय मन बालक जैसा निर्मल होना चाहिए। उन्होंने अगले ही दिन अपने सेवक को रिहा कर दिया।

कहानी पर आधारित प्रश्न-उत्तर :
• प्रश्न 1 : राजा कृष्णदेवराय ने सेवक को कारागार में क्यों डाला?
उत्तर : क्योंकि सेवक के हाथ से राजा का प्रिय काँच का खूबसूरत मोर टूट गया था।
• प्रश्न 2 : तेनालीराम ने राजा को क्या सीख दी?
उत्तर : तेनालीराम ने बाल नाटक के माध्यम से सीख दी कि न्याय करते समय राजा का मन बच्चे जैसा निर्मल और क्षमाशील होना चाहिए।

✦ યોગ્યતા-વિસ્તાર (Std 6 Hindi Sem 2 Chapter 6 Yogyata Vistar) ✦

● बोधकथाओं का पठन : छात्र विद्यालय के पुस्तकालय से बीरबल की बुद्धिमत्ता, तेनालीराम के किस्से, पंचतंत्र और अरेबियन नाइट्स की रोचक कहानियाँ पढ़ें।

● एकांकी मंचन : छात्र कक्षा में 'न्याय' कहानी के विभिन्न पात्रों (अली ख्वाजा, वाज़िद, खलीफ़ा, हसन और तेली) का अभिनय करते हुए बाल अदालत का सुंदर नाट्य मंचन करें।

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