ધોરણ-6 [હિન્દી] 6. सुबह | std-6 [hindi] 6. subah
GSEB Std 6 Hindi Chapter 6 Subah Swadhyay Solution, Abhyas & Bhasha Sajjata: અહીં ધોરણ 6 હિન્દી વિષયના પ્રકરણ 6 "सुबह" નો વિસ્તૃત પાઠ સારાંશ, અભ્યાસ, સ્વાધ્યાય, મુહાવરા, વચન પરિવર્તન, શબ્દકોશ ક્રમ, ભાષા-સજ્જતા (વિશેષણ વ્યાકરણ) તેમજ યોગ્યતા-વિસ્તારના તમામ પ્રશ્નો-જવાબોનું સંપૂર્ણ સોલ્યુશન પાઠ્યપુસ્તક આધારિત સુંદર રીતે પ્રસ્તુત કરવામાં આવ્યું છે.
✦ પાઠનો સારાંશ (कहानी का सारांश) ✦
'सुबह' एक सच्ची घटना पर आधारित अत्यंत प्रेरणादायी कहानी है। पोलियो के कारण रेशमा पाँच वर्ष की उम्र में ही दोनों पैरों से अपंग हो गई थी। परंतु उसकी यह शारीरिक कमी उसके हौसलों और संकल्पों में कभी रुकावट नहीं बनी। वह ग्यारह वर्ष की उम्र में पहिएवाली कुर्सी पर बैठकर अपने सभी काम स्वयं करती थी और परिवार पर निर्भर नहीं रहना चाहती थी। वह घर में सबकी आँखों का तारा थी। दीपावली की तैयारियाँ चल रही थीं, रेशमा ने घर के बर्तनों पर लेबल लगाने में माँ की मदद की और नुक्कड़ की दुकान से सामान भी अकेले जाकर ले आई।
दीपावली की रात जब पूरा मोहल्ला रोशनी से जगमगा रहा था, तब रेशमा का छोटा भाई गोलू पटाखे छुड़ाने में मग्न था। उसने एक पटाखे को बुझा हुआ समझकर छोड़ दिया था, जिसमें से अचानक चिनगारियाँ निकलने लगीं। गोलू की पीठ पटाखे की तरफ थी और वह अनजान था। पटाखों के शोर में रेशमा की आवाज़ दब गई। तभी रेशमा ने बिना किसी डर के फुर्ती से अपनी पहिएवाली कुर्सी को तेज़ी से धकेला और गोलू को ज़ोरदार धक्का देकर पटाखे से दूर कर दिया। तुरंत ज़ोर का धमाका हुआ और गोलू सुरक्षित बच गया, जबकि रेशमा कुर्सी सहित आगे गिर पड़ी। रेशमा की इस सूझ-बूझ और अदम्य साहस की सबने भूरि-भूरि प्रशंसा की। गोलू ने हँसते हुए कहा कि दीदी का यह धमाकेदार धक्का मुझे हमेशा याद रहेगा। रेशमा आज भी उतनी ही ज़िंदादिली और परिश्रम से अपनी हर नई सुबह की शुरुआत करती है।
✦ અભ્યાસ (Std 6 Hindi Chapter 6 Abhyas Solution) ✦
1. उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए :
उदाहरण : मंडराना → आकाश में काले-काले बादल मंडराने लगे।
(1) बाधा : कठिन परिश्रम करने वालों के मार्ग में कोई भी बाधा टिक नहीं सकती।
(2) उत्सुकता : बच्चों में सर्कस देखने की बड़ी उत्सुकता थी।
(3) दृढ़ता : रेशमा ने बड़ी दृढ़ता के साथ बाज़ार से सामान लाने की बात कही।
(4) बुजुर्ग : हमें अपने घर के बुजुर्ग लोगों का आदर और सेवा करनी चाहिए।
(5) व्यस्त : दीपावली के अवसर पर परिवार के सभी लोग घर की सफाई में व्यस्त थे।
2. (अ) प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) "दीदी, आपका यह धमाकेदार धक्का मुझे हमेशा याद रहेगा।" गोलू ने रेशमा से ऐसा क्यों कहा ?
उत्तर : गोलू जिस पटाखे को बुझा हुआ समझ रहा था, वह अचानक सुलग उठा था। गोलू की पीठ पटाखे की तरफ थी। यदि रेशमा फुर्ती से आकर उसे ज़ोर का धक्का न देती, तो पटाखा फूटने से गोलू गंभीर रूप से जल जाता। रेशमा के उस ज़ोरदार धक्के ने ही गोलू के प्राण बचाए थे, इसलिए उसने कृतज्ञता और मज़ाक में ऐसा कहा।
(2) रेशमा की शारीरिक कमी उसके इरादों में कभी बाधा नहीं बनी - भाव समझाइए।
उत्तर : पोलियो के कारण दोनों पैर बेजान हो जाने पर भी रेशमा ने कभी हिम्मत नहीं हारी। वह दूसरों पर बोझ बनने के बजाय अपने सभी दैनिक कार्य स्वयं करती थी, घर के कामों में माँ का हाथ बँटाती थी, बाज़ार से सामान लाती थी और संकट के समय अपने भाई की जान भी बचाई। उसने अपनी शारीरिक अपंगता को अपनी लाचारी नहीं बनने दिया, बल्कि दृढ़ संकल्प और ज़िंदादिली से जीवन जिया।
(ब) यदि आपकी कक्षा में रेशमा की तरह कोई बच्चा दाखिला ले, तो आप...
(1) किन-किन बातों का ध्यान रखेंगे ?
उत्तर : हम ध्यान रखेंगे कि कोई भी उसका मज़ाक न उड़ाए, उसे किसी बात की हीनभावना न हो और उसे आने-जाने में कोई असुविधा न हो।
(2) किस तरह उसकी सहायता करेंगे ?
उत्तर : हम उसकी व्हीलचेयर को आगे ले जाने में मदद करेंगे, पढ़ाई और गृहकार्य में सहयोग करेंगे तथा कक्षा के खेल-कूद व अन्य प्रवृत्तियों में उसे अपने साथ शामिल करेंगे।
(3) विद्यालय में क्या परिवर्तन करना चाहेंगे ?
उत्तर : हम विद्यालय के मुख्य द्वार, कक्षाओं और पुस्तकालय के पास सीढ़ियों के साथ-साथ ढलान (रैंप - Ramp) बनवाने और व्हीलचेयर अनुकूल शौचालय की व्यवस्था का सुझाव देंगे।
(4) बाकी बच्चों को क्या सलाह देंगे ?
उत्तर : हम अन्य बच्चों को सलाह देंगे कि वे उसके साथ प्यार, सहानुभूति और समानता का व्यवहार करें तथा हर परिस्थिति में उसका आत्मविश्वास बढ़ाएँ।
3. सोचकर बताइए :
(1) दीपावली पर आपके परिवार में क्या-क्या विशेष तैयारियाँ की जाती हैं ?
उत्तर : दीपावली पर हमारे घर की पूरी साफ-सफाई और रंग-रोगन किया जाता है। नए कपड़े खरीदे जाते हैं, तरह-तरह की मिठाइयाँ और पकवान बनाए जाते हैं, घर के आँगन में रंगोली सजाई जाती है और रात में दीपों की लड़ियाँ जलाई जाती हैं।
(2) क्या दीपावली पर पटाखे छुड़ाने चाहिए ? क्यों ?
उत्तर : दीपावली पर अधिक और तेज़ आवाज़ वाले पटाखे नहीं छुड़ाने चाहिए, क्योंकि पटाखों के धुएँ से वायु प्रदूषण और तेज़ धमाकों से ध्वनि प्रदूषण फैलता है। इसके अलावा आग लगने और लोगों के जलने का गंभीर जोखिम भी बना रहता है।
(3) किसी ऐसी घटना का वर्णन कीजिए जब आपको किसी ने बचाया हो या आपने किसी की सहायता की हो :
उत्तर : एक बार विद्यालय के खेल के मैदान में दौड़ते समय मेरा एक सहपाठी गड्ढे में गिरकर घायल हो गया और उसके घुटने से खून बहने लगा। मैंने तुरंत दौड़कर उसे सहारा देकर उठाया, प्राथमिक चिकित्सा कक्ष में ले जाकर डेटॉल से घाव साफ किया और पट्टी बँधवाई। इस प्रकार समय पर उसकी सहायता की।
✦ સ્વાધ્યાય સોલ્યુશન (Std 6 Hindi Chapter 6 Swadhyay Solution) ✦
1. प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) सुबह से घर के सभी लोग सफाई क्यों कर रहे थे ?
उत्तर : क्योंकि दीपावली का पावन त्योहार आने वाला था और त्योहार से पहले घर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सभी लोग सफाई में जुटे हुए थे।
(2) रेशमा को घर की सफाई में क्यों नहीं लगाया गया होगा ?
उत्तर : क्योंकि रेशमा पोलियो के कारण दोनों पैरों से अपंग थी और पहिएवाली कुर्सी पर चलती थी, इसलिए माँ नहीं चाहती थी कि उस पर किसी प्रकार का अतिरिक्त कष्ट या असुविधा आए।
(3) रेशमा ने अपनी माँ के काम में किस तरह मदद की ?
उत्तर : रेशमा ने रसोईघर के धुले हुए बरतनों, डिब्बों और बोतलों पर साफ़-सुथरे लेबल लगाकर माँ को पकड़ाए, जिन्हें माँ ने अलमारियों में सजा दिया।
(4) माँ ने रेशमा को बाजार क्यों भेजा ?
उत्तर : क्योंकि पिताजी दफ्तर चले गए थे, गोलू बहुत छोटा था और दादाजी-दादीजी बहुत बुजुर्ग थे। माँ को लड्डू बनाने का जरूरी सामान तुरंत चाहिए था, इसलिए उन्होंने रेशमा को बाज़ार भेजा।
(5) रेशमा ने गोलू को धक्का क्यों मारा ?
उत्तर : क्योंकि गोलू जिस पटाखे को बुझा हुआ समझ रहा था, उसमें से चिनगारियाँ फूटने लगी थीं और उसकी पीठ पटाखे की ओर थी। पटाखे के धमाके से गोलू को जलने से बचाने के लिए रेशमा ने उसे तेज़ी से धक्का मारा।
2. 'रेशमा की जिंदादिली' विषय पर संक्षेप में लिखिए :
उत्तर : रेशमा पोलियो की शिकार होने के बावजूद एक अत्यंत साहसी, आत्मनिर्भर और खुशमिजाज बालिका थी। उसने कभी अपने पैरों की कमजोरी को अपने इरादों के आड़े नहीं आने दिया। वह ग्यारह वर्ष की उम्र में अपने सारे काम स्वयं करती थी, माँ के घरेलू कार्यों में सहयोग करती थी और बाज़ार से सामान भी लाती थी। दीपावली पर अपनी जान जोखिम में डालकर अपने भाई गोलू को पटाखे से बचाकर उसने अपने अदम्य साहस का परिचय दिया। उसकी हर सुबह एक नई उमंग और नए संकल्प के साथ शुरू होती थी।
3. नीचे दी गई घटनाओं को कहानी के क्रम में लिखिए :
(1) रेशमा बाजार से सामान लाई। (३)
(2) रेशमा का घर दीयों के झिलमिल प्रकाश से जगमगाने लगा। (४)
(3) गोलू अपने दोस्तों के साथ पटाखे छुड़ाने में मस्त था। (५)
(4) रेशमा ने गोलू को जोर से धक्का मारा। (२)
(5) माँ ने रेशमा को कहा "कहीं चोट तो नहीं लगी ?" (६)
(6) सबने रेशमा की पीठ थपथपाई। (१)
4. निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(1) आँखों का तारा होना = बहुत प्यारा होना
वाक्य : संस्कारी और होनहार रेशमा अपने पूरे परिवार की आँखों का तारा है।
(2) हाथ बंटाना = काम में मदद करना
वाक्य : बच्चों को घर के छोटे-मोटे कामों में माता-पिता का हाथ बँटाना चाहिए।
(3) पीठ थपथपाना = शाबाशी देना / प्रशंसा करना
वाक्य : गोलू के प्राण बचाने पर सभी घरवालों ने रेशमा की पीठ थपथपाई।
5. उदाहरण के अनुसार शब्द का उपयोग करके वाक्य लिखिए :
(1) इसलिए - ताकि :
• वह बीमार था, इसलिए स्कूल नहीं आया।
• तुम जल्दी चलो ताकि समय पर गाड़ी मिल सके।
(2) क्योंकि - जबकि :
• मैं आज नहीं खेलूँगा क्योंकि मुझे बहुत तेज़ बुखार है।
• मोहन मेहनती है जबकि उसका भाई बहुत आलसी है।
(3) ओर - और :
• रेशमा अपनी कुर्सी लेकर रसोईघर की ओर बढ़ी।
• राम और श्याम दोनों पक्के मित्र हैं।
(4) मैं - में :
• मैं प्रतिदिन समय पर पाठशाला जाता हूँ।
• गिलास में ठंडा पानी भरा हुआ है।
6. (अ) नीचे दिए गए वाक्यों का वचन परिवर्तन कीजिए :
(1) ऐसी कई घटनाएँ मेरे साथ घटी हैं।
उत्तर : ऐसी घटना मेरे साथ घटी है।
(2) परिचारिका ने मरीज़ की अच्छी तरह से देखभाल की।
उत्तर : परिचारिकाओं ने मरीज़ों की अच्छी तरह से देखभाल की।
(3) रात को मैंने सुंदर सपना देखा।
उत्तर : रात को मैंने सुंदर सपने देखे।
(4) भूकंप का झटका आया, फिर भी मैं नहीं घबराया।
उत्तर : भूकंप के झटके आए, फिर भी हम नहीं घबराए।
(ब) नीचे दिए गए शब्दों को शब्दकोश के क्रमानुसार लिखिए :
शब्द : मेहनत, भूकंप, सुंदर, मरीज, श्रेष्ठ, निर्दोष, तूफ़ान, अंगूर, आकाश
उत्तर (शब्दकोश क्रम) :
अंगूर, आकाश, तूफ़ान, निर्दोष, भूकंप, मरीज, मेहनत, श्रेष्ठ, सुंदर।
✦ ભાષા-સજ્જતા (Std 6 Hindi Chapter 6 Bhasha Sajjata) ✦
विशेषण : संज्ञा अथवा सर्वनाम शब्दों की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण आदि) बताने वाले शब्दों को 'विशेषण' कहते हैं।
• निम्नलिखित वाक्यों में से विशेषण छाँटिए :
1. रेशमा हिम्मती लड़की है। → हिम्मती
2. छोटा बच्चा फिसल गया। → छोटा
3. कक्षा में दस लड़कियाँ बैठी हैं। → दस
4. उसकी हर सुबह नई सुबह होती है। → नई
5. कुत्ता वफादार प्राणी है। → वफादार
✦ યોગ્યતા-વિસ્તાર (Std 6 Hindi Chapter 6 Yogyata Vistar) ✦
● पटाखे जलाते समय सावधानियाँ :
• पटाखे जलाते समय हमेशा सूती (कॉटन) कपड़े ही पहनें।
• पास में पानी से भरी बाल्टी अवश्य रखें।
• बच्चों के साथ किसी बड़े व्यक्ति का होना अनिवार्य है।
• तेज़ आवाज़ वाले पटाखों से बचें और केवल फुलझड़ी जैसे सुरक्षित पटाखे ही जलाएँ।
● प्रेरक वाचन : छात्र प्रसिद्ध लेखक कुमारपाल देसाई द्वारा लिखित प्रेरक पुस्तक 'अपंग ना ओजस' अवश्य पढ़ें और दिव्यांग व्यक्तियों के अदम्य साहस से प्रेरणा लें।